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23 September 2021

Platelets count | शरीर मे प्लेटलेट्स कितना होना चाहिए | Platelets kitna hona chahiye | Normal platelets count

 अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि शरीर में प्लेटलेट्स कितना होना चाहिए ? तो आपको इस पोस्ट को ध्यानपूर्वक पढ़ना होगा। प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या हमारे स्वास्थ्य को कई मायनों में प्रभावित करती है। तो आईये जानते हैं कि प्लेटलेट्स की संख्या कितनी होनी चाहिए ? 

प्लेटलेट्स कितना होना चाहिए


प्लेटलेट्स (Platelets) 


प्लेटलेट्स (Platelets) की कमी किसी व्यक्ति में होना एक आम बात है। यह कम ज्यादा होता रहता है। किन्तु यदि अगर इसकी संख्या एक निश्चित मानक से नीचे चली जाती है अथवा प्लेटलेट्स की संख्या न्यूनतम से भी कम हो जाती है तो यह गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है।  इतना ही नहीं अगर प्लेटलेट्स जरूरत से ज्यादा बढ़ भी जाता है तो भी यह नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में सभी को यह जानना आवश्यक हो जाता है कि प्लेटलेट्स की संख्या कितनी होनी चाहिए (Platelets count)। 


प्लेटलेट्स क्या है ? What is platelets 


प्लेटलेट्स (Platelets) एक प्रकार की कोशिका है जोकि हमारे शरीर मे खून के साथ मिलकर बहता है। यह पानी नुमा एक तरल पदार्थ होता है।  जब हमारे शरीर मे कहीं भी चोट लगने पर रक्त बहने लगता है तो यह उस स्थान पर पहुँच कर वहां जलनुमा संरचना तैयार कर लेता है और रक्त को बहने से रोकता है। 

इसके अलावा भी प्लेटलेट्स के कई सारे कार्य होते हैं। इसके शरीर मे कमी हो जाने पर शरीर अंदर से बुरी तरह कमजोर हो जाता है और किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाता है। 


प्लेटलेट्स की संख्या कितनी होनी चाहिए (Normal platelets count) : 


शरीर मे प्लेटलेट्स का सामान्य होना बहुत आवश्यक है। जितना खतरनाक है प्लेटलेट्स की संख्या का कम होना उतना ही नुकसानदायक है इसकी संख्या का ज्यादा होना। Marlene Stephanie Williams, M.D. और अन्य विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ मनुष्य के रक्त में 150,000 से 450,000 प्लेटलेट्स प्रति मिलीलीटर होना चाहिए। 

जब व्यक्ति का प्लेटलेट्स 450,000 से अधिक हो जाता है तो उसे thrombocytosis (थ्रोम्बोसाइटोसिस) कहते हैं तथा यदि प्लेटलेट्स 150,000 की संख्या से कम हो जाता है तो यह thrombocytopenia (थ्रोम्बोसाइटोपेनिया) कहलाता है। 


प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें : Low blood platelets 


प्लेटलेट्स की कमी को जानने के लिए आप इसकी मेडिकल जांच करा सकते हैं। अगर आपके रक्त में प्लेटलेट्स की कमी हो गयी है तो आप सबसे प्राथमिक तौर पर डॉक्टर से परामर्श लें और इलाज कराएं। 

इसके अलावा आप कुछ प्राकृतिक उपायों को अपनाकर मात्र 1 से 2 दिन में अपनी प्लेटलेट्स की संख्या को पूरी कर सकते हैं। तेजी से प्लेटलेट्स को तेजी से बढ़ाने वाले उपायों को जानने के लिए नीचे दी गयी लिंक पर जाएं और पढ़ें । 

● इन 6 तरीकों से बहुत जल्दी बढ़ते हैं प्लेटलेट्स | प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ाने के उपाय 


प्लेटलेट्स अधिक हो जाने पर क्या करें : High blood platelets 


प्लेटलेट्स कम होना सामान्य बात है किंतु प्लेटलेट्स का बढ़ जाना आश्चर्यजनक होता है। किंतु यह भी एक सामान्य सा बदलाव है जो किसी भी कारण से हो सकता है। अगर आपके रक्त जांच में प्लेटलेट्स की संख्या 450,000 से अधिक दिखाई दे रहा है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें। 

आजकल की आधुनिक दवाओं के द्वारा प्लेटलेट्स की संख्या को कम व ज्यादा करके सामान्य किया जा सकता है। 


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धन्यवाद🙏 
आकाश प्रजापति
(कृष्णा) 
ग्राम व पोस्ट किलहनापुर, कुण्डा प्रतापगढ़ , उ०प्र० 


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21 September 2021

How to Prepare for the SSC MTS General Awareness Exam ? | SSC MTS Preparation tips

How to Prepare for the SSC MTS General Awareness Exam?

Ssc mts

SSC MTS Recruitment Process is conducted by Staff Selection Commission to hire eligible candidates for the post of Multi Tasking Staff in various departments/ministries/offices of the Government of India. The General Awareness Section is one of the highest-scoring sections of the MTS Exam. Candidates are advised to prepare well for this section to score maximum marks in less time. The SSC MTS General Awareness questions will be designed to assess the ability of the candidate’s general awareness of the environment around him and its application to society. Questions will also be asked to test knowledge of the current events. Candidates should keep their focus and determination intact as only that will help them in finding their name in the SSC MTS Result List. With this in mind, I will now share the most important tips that would help candidates in achieving the best result in the SSC MTS General Awareness section.


Know the Important Topics

Candidates should be familiar with the syllabus and its subtopics of the General Awareness section. Having the proper knowledge of the SSC MTS General Awareness syllabus could help the candidates in scoring maximum marks in this section. In order to excel in this section, it is  essentials for the candidates to know the important topics of this section mentioned below:


  • National and International Events.

  • Economic scene.

  • Indian Constitution.

  • Culture.

  • Geography.

  • Sports.

  • History.

  • General Polity.

  • Scientific Research etc.


Read Newspaper and Magazines

One of the most important strategies of preparing for the SSC MTS General Awareness section is to inculcate the habit of daily reading newspapers & magazines to excel in this section. The Hindu is one of the most preferred newspapers among all the newspapers for the preparation of General Awareness. One of the best parts is that the newspaper is available both in prime and online. Candidates should read and note down all the important dates, events, appointments, etc from the newspaper and revise the notes regularly to retain all the important details till the completion of the exam. 

Refer Online Portals

There are several online portals and youtube channels that prepare the students for the SSC MTS General Awareness section by providing daily, weekly, and monthly current affairs PDFs. Candidates should opt for the most recommended and reliable website or youtube channel for GA preparation. Many students find it difficult to read newspapers or follow news channels on a daily basis so they can download the daily current affairs in PDF format from one or two sources and prepare accordingly for the section. Candidates should also follow news websites on social networking sites to stay updated on the latest happening around the globe. 

Participating in Current Affairs Quizzes

There are tons of websites that provide daily current affairs quizzes without any cost for the candidates preparing for the competitive exam. Candidates are advised to attempt at least 1-2 sets of current affairs quizzes on a daily basis from an authentic website to strengthen their preparation. While attempting the quizzes, they will also get familiar with more questions related to current affairs questions that they may not be aware of. Regular practice will improve their question attempting speed and accuracy that would be beneficial for them in the actual exam. 

Solve Previous Year Papers

Solving SSC MTS Previous Year Papers is one of the most effective preparation strategies for the candidates. This approach will help the candidates in getting an insight into the exam pattern, types of questions asked previously, and the overall difficulty level of the section. It would help candidates in focusing on the areas from which most of the questions are asked every year and build the strategy to achieve maximum marks in this section. 


20 September 2021

भारतीय संस्कृति के अध्ययन के स्रोत | Sources of indian culture in hindi | Bharteey sanskriti ke adhyayan srot

 

भारतीय संस्कृति (Indian Culture) विश्व की अनेक संस्कृतियों में सबसे उत्तम संस्कृति है। इस संस्कृति की अनेक विशिष्टताएं इसे अन्य संस्कृतियों से भिन्न और उत्कृष्ट बनाती है। 

भरतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण विशेषताओं के बारे में हम अलग से चर्चा करेंगे। यहां हम भारतीय संस्कृति के अध्ययन के विविध स्रोतों (Sources of indian culture in hindi) के विषय में जानने का प्रयास करेंगे। 

भारतीय संस्कृति के अध्ययन के स्रोत

भारतीय संस्कृति के अध्ययन के स्रोत : Source of indian culture in hindi 


भारतीय संस्कृति के अध्ययन के स्रोत भी प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन के स्रोतों से बहुत समान हैं क्योंकि भारतीय संस्कृति और भारतीय इतिहास न केवल एक दूसरे से घनिष्टया संबंधित हैं बल्कि वे एक ही दिशा में विकास की अवस्था को प्राप्त हुए हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाय तो भारतीय इतिहास जिन जिन स्रोतों से मुखरित होता है उन्ही स्रोतों के माध्यम से हम अपनी संस्कृति को भी जान पाते हैं।


भारतीय संस्कृति सदा से एक सीधी रेखा में विकासशील और परिवर्तनीय रही है अतः इसके विकास को ठीक ढंग से समझने के लिए तथा अपनी गौरवपूर्ण संस्कृति की गहनता से अध्ययन के लिए हमे कुछ स्रोतों की सहायता लेनी पड़ती है। 

भारतीय संस्कृति के अध्ययन के स्रोतों का विभाजन : 


भारतीय संस्कृति के अध्ययन हेतु उपयोगी स्रोतों को मुख्यतः 2 भागों में बांटा जा सकता है- 

1. साहित्यिक स्रोत 

2. पुरातात्विक स्रोत 


● भारतीय संस्कृति की यदि बात करें तो यह संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृति है। पाषाणकालीन संस्कृतियां व धातुकालीन संस्कृतियां ही भारतीय संस्कृति की नींव का पत्थर हैं। भारतीय सांस्कृति को "विविधता में एकता की संस्कृति" कहा जाता है। 

भारतीय संस्कृति के साहित्यिक स्रोत : 


साहित्यिक स्रोतों को यदि विभाजित किया जाय तो इसे 2 भागों में पुनः बांटा जा सकता है- 

i. स्वदेशी साहित्य या भारतीय साहित्य

ii. विदेशी यात्रियों के साहित्य (ग्रंथ) 


i. भारतीय साहित्यिक स्रोत : 


भारत का साहित्य जितना विशाल है उतना ही प्राचीन। हमारा ऋग्वेद विश्व का प्राचीनतम ग्रंथ है। 


स्वदेशी साहित्य को पुनः विभाजित करें तो भारत में 2 प्रकार के साहित्य की रचना प्राचीन काल में हुई थी- 

(क) धार्मिक साहित्य 

(ख) लौकिक / धर्मेत्तर साहित्य 

धार्मिक साहित्य :  


धार्मिक साहित्य के अंतर्गत वे ग्रंथ आते हैं जो किसी धर्म विशेष से प्रभावित होते हैं। भारतीय धार्मिक साहित्य में ब्राह्मण धर्म के वेद , ब्राह्मण ग्रंथ , आरण्यक , उपनिषद , स्मृतियां , पुराण , महाकाव्य आदि तथा बौद्ध धर्म के पिटक साहित्य (विनय पिटक , सुत्त पिटक , अभिधम्म पिटक) और जैन धर्म के आगम साहित्य व अन्य कई आते हैं। 


वेद (ऋग्वेद, सामवेद , यजुर्वेद तथा अथर्ववेद) आदि हमें वैदिक युगीन संस्कृति के सामाजिक जीवन , रहन-सहन , धर्म-दर्शन , विचार , विज्ञान व कला आदि के बारे में बताते हैं। इसके अलावा हमें ब्राह्मण साहित्य , आरण्यकों व उपनिषदों आदि से उत्तर वैदिक कालीन तथा अन्य परवर्ती संस्कृतियों के बारे में भी समुचित जानकारी प्राप्त होती हैं। 

वहीं बात करें यदि 18 पुराणों की तो इनसे अलग अलग समय की सांस्कृतिक व्यवस्था की जानकारी मिलती है जो इसके विकास को दर्शाती है। 

बौद्ध ग्रंथों की यदि बात करें तो इनसे हमें छठी सदी ई०पू० के बाद की भारतीय संस्कृति का विवरण मिलता है क्योंकि बौद्ध धर्म की स्थापना ही छठी सदी ई०पू० में हुई थी। बौद्ध ग्रंथों में विनय पिटक, सुत्त पिटक, अभिधम्म पिटक तथा इनके अनेकों शाखाएं भारतीय संस्कृति के अध्ययन हेतु उपयोगी हैं। इनसे हमें उस काल की संस्कृतियों की जानकारी मिलती है जिस काल में ये लिखे गए थे। 


जैन ग्रंथों में आगम साहित्य विशेष उल्लेखनीय हैं। आगम साहित्य 12 अंग , 12 उपांग , 10 प्रकीर्ण तथा 6 छेदसूत्रों में बंटा हुआ है। इनसे भी हमें ततयुगीन भारतीय संस्कृति की जानकारी प्राप्त होती है। 


लौकिक साहित्य / धर्मेत्तर साहित्य : 


लौकिक साहित्य भी भारतीय संस्कृति की उद्वेचन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। 

जहां कौटलीय अर्थशास्त्र तथा मुद्राराक्षस मौर्यकालीन समस्त संस्कृतियों , रहन सहन , शासन प्रशासन , खान पान , ज्ञान विज्ञान , धर्म दर्शन आदि के विषय में जानकारी देते हैं वहीं गार्गी संहिता , पतंजलि का महाभाष्य तथा कालिदास के सभी ग्रंथ मौर्योत्तर काल की संस्कृतियों का उल्लेख करते हैं। 

इसके अलावा हर्षचरित , राजतरंगिणी , नीतिसार , अष्टाध्यायी और मृच्छकटिकम आदि से भी हमें तत्कालीन संस्कृति के विभिन्न पक्षों का विवरण मिलता है। 

विदेशी यात्रियों के विवरण : 


जिस प्रकार विदेशी विवरण भारतीय इतिहास के स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण हैं ठीक उसी प्रकार यह भारतीय संस्कृति के अध्ययन में बेहद उपयोगी हैं। 


जहां हेरोडोटस भारत व ईरान के प्राचीन व्यापारिक संबंध की व्याख्या करता है वहीं पेरिप्लस से प्राचीन भारतीय समुद्री व्यापार पर प्रकाश पड़ता है। 

मेगस्थनीज का विवरण (इण्डिका) भी मौर्य कालीन सभ्यता व संस्कृति को जानने के लिए मील का पत्थर साबित होता है। 

इनके अलावा फाह्यान , ह्वेनसांग , इत्सिंग व तारानाथ जैसे आदि विद्वानों ने भी अलग अलग समय में न केवल भारत की यात्रा की बल्कि यहां काफी समय भी बिताए। इसी कारण उनके द्वारा लिखे गए ग्रंथों में भारत की सामाजिक , धार्मिक व सांस्कृतिक दशा की झांकी प्रस्तुत होती है। 

भारतीय संस्कृति के पुरातात्विक स्रोत : 


भारतीय संस्कृति को जानने के लिए साहित्यिक स्रोतों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण साबित होते हैं। क्योंकि जिस समय से भारतीय संस्कृति रूपी उत्कृष्ट महल की नींव रखी गयी उस समय साहित्य शून्य अवस्था में था। ऐसी स्थिति में पुरातत्व ही हमें साहित्य के पूर्व की तथा साहित्य के साथ की संस्कृतियों की भी व्याख्या करते हैं। 


पुरातत्व के अंतर्गत पुरावशेष , सिक्के , अभिलेख , भवन , स्मारक , मंदिर , मूर्तियां आदि आते हैं। इनके अवलोकन से  उस समय के रहन सहन , आवास , विचार , विश्वास , धर्म , दर्शन , कला , उपासना समेत अन्य सभी सांस्कृतिक व भौतिक पक्षों पर प्रकाश पड़ता है। 

निष्कर्ष : 


इस प्रकार यह स्पष्ट देखा जा सकता है कि भारतीय संस्कृति के अध्ययन हेतु साहित्यिक व पुरातात्विक दोनों स्रोत बेहद उपयोगी हैं। इन्ही स्रोतों के कारण हम भारत की गौरवशाली संस्कृति को एक महान संस्कृति साबित कर सके हैं जो दुनिया भर के लाखों करोड़ों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है। इन स्रोतों के भविष्य में अधिक स्पष्ट होने से, जैसे हड़प्पाई लिपि का पढ़ा जाना , हम भारतीय संस्कृति को और गहराई से और स्पष्टतया जान सकेंगे। 


संबंधित लेख : अवश्य देखें 👇

● प्राचीन भारतीय इतिहास के ऐतिहासिक स्रोत (साहित्यिक स्रोत)

● प्राचीन भारतीय इतिहास के ऐतिहासिक स्रोत (विदेशी विवरण)

● प्राचीन भारतीय इतिहास के ऐतिहासिक स्रोत (पुरातात्विक स्रोत)


धन्यवाद🙏 
आकाश प्रजापति
(कृष्णा) 
ग्राम व पोस्ट किलहनापुर, कुण्डा प्रतापगढ़ , उ०प्र० 
छात्र:  प्राचीन इतिहास कला संस्कृति व पुरातत्व विभाग, कलास्नातक तृतीय वर्ष, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय


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19 September 2021

How to increase platelets count in hindi | प्लेटलेट्स बढ़ाने के 6 आसान तरीके | प्लेटलेट्स कैसे बढ़ाएं | Remedies for improve platelets count

प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय | How to increase platelet count fast :


 शरीर में प्लेटलेट्स की कमी की समस्या का सामना बहुत से लोग किए होंगे। अगर किये न होंगे तो किसी न किसी के सुने अवश्य होंगे। लेकिन शरीर में प्लेटलेट्स की कमी क्यों होती है ? प्लेटलेट्स की संख्या कितनी होनी चाहिए ? (Platelet count) तथा प्लेटलेट्स को जल्दी से बढ़ाने के उपायों (how to increase platelet count fast) को जानने के लिए इस पोस्ट को अंतिम तक अवश्य पढ़ें। 

प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय

प्लेटलेट्स क्या है | What is platelets : 


प्लेटलेट्स हमारे शरीर मे मौजूद एक प्रकार की कोशिकाएं होती हैं जिनका मुख्य कार्य रक्त के बहने को रोकना और Damaged ऊतकों को ठीक करना होता है। जब हमारे शरीर में कहीं भी चोट लगती है तो खून बहने लगता है। क्या आपने सोचा है कि अगर ये खून बहना बंद न हो तो क्या होगा ? अगर बहता हुआ खून बंद न हो तो इंसान की मृत्यु हो जाएगी। रक्त के इसी बहाव को रोकने का कार्य हमारे अंदर मौजूद प्लेटलेट्स करते हैं। इसलिए इसे होमियोस्टेसिस के रूप में भी जाना जाता है। 


प्लेटलेट्स ब्लड में मौजूद माइक्रो पार्टिकल्स होते हैं । Platelets खून में उपस्थित एक प्रकार का एलिमेंट्स होता है जो पानी के समान द्रव और कोशिकाओं से बने होते हैं। 

प्लेटलेट्स कम होने के कारण | Causes of Low Platelets in hindi : 


वैसे तो प्लेटलेट्स कम होने के कई कारण हो सकते हैं। मौसम के बदलने से हमारे इम्यून सिस्टम पर प्रभाव पड़ता है। यह भी प्लेटलेट्स कम होने के कारण हो सकते हैं। वैसे जो सबसे सामान्य कारण है इसके कम होने का वह है डेंगू बुखार। डेंगू बुखार में असाधारण रूप से प्लेटलेट्स कम होता है। 


एल्कोहल अथवा शराब और कोई भी पेनकिलर दवाओं के नियमित सेवन से भी प्लेटलेट्स की संख्या में तेजी से गिरावट होती है। 

इनके अलावा ये कुछ बीमारियां भी प्लेटलेट्स घटाने के लिए जिम्मेदार होती हैं- 

 • एप्लास्टिक एनीमिया

 • आयरन डेफिशियेंसी

 • विटामिन बी12 डेफिशियेंसी

 • फोलेट डेफिशियेंसी

 • ल्यूकेमिया

 • सिरोसिस

 • मायलोडायप्लासिया

 • शराब का अधिक सेवन

 • चिकेनपॉक्स

 • एचआईवी वायरस

 • एपस्टीन - बार वायरस

 • गर्भावस्था

 • हेमोलिटिक यूरीमिक सिंड्रोम

 • छोटी नसों में खून के छोटे - छोटे क्लॉट्स  बनना

 • पूरे शरीर की छोटी ब्लड वेसल्स में ब्लड क्लॉट्स जमना 

 • खून में बैक्टीरियल इन्फेक्शन


प्लेटलेट्स बढ़ाने के 6 उपाय : How to increase platelets naturally 

भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा संहिता के अनुसार प्लेटलेट्स को कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की सहायता से काफी आसानी से बढ़ाया जा सकता है। मनुष्य के शरीर में 1.5 लाख से 4 लाख की संख्या तक प्लेटलेट्स होना चाहिए। अगर इससे कम किसी का प्लेटलेट्स है तो उसे इन उपायों को अपनाना चाहिए। 


1. पपीता | पपीता से प्लेटलेट्स कैसे बढ़ाएं :


पपीता के प्रयोग से प्लेटलेट्स बहुत तेजी से बढ़ाया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि पपीता के फल और पत्तियों दोनों के सेवन से शीघ्रता से प्लेटलेट्स की संख्या में काफी वृद्धि होती है। लेकिन पपीता की पत्तियों के अधिक सेवन से इसके दुष्प्रभाव भी देखे गए हैं। अतः आप पपीते के फल को ही prefer करें क्योंकि पपीता का फल खाने से कोई नुकसान नहीं होता और प्लेटलेट्स भी तेजी से बढ़ता है। डेंगू और मलेरिया के बुखार में जब प्लेटलेट्स बहुत कम हो जाता है तो अक्सर डॉक्टर पपीता के फल का सेवन करने की सलाह देते हैं। 

2. गिलोय से बढ़ाएं प्लेटलेट्स : Improve platelets count by Giloy 


गिलोय को आयुर्वेद की आत्मा कहा गया है। इसके अनेकानेक गुणों के कारण इसे अमृता के नाम से भी जाना जाता है। इसके बहुत से गुणों में से एक गुण है कि इसके मात्र कुछ दिन के सेवन से प्लेटलेट्स को सामान्य किया जा सकता है। गिलोय का सेवन आप चाहे काढ़ा के रूप में अथवा ग्रीन टी में डालकर या इसका जूस निकालकर कर सकते हैं। इसके अलावा किसी विश्वस्त कंपनी के गिलोय अर्क (चूर्ण) को सुबह सुबह शहद के साथ भी ले सकते हैं। 


गिलोय के सेवन से न केवल प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और अन्य कई लाभ होते हैं। 


3. एलोवेरा का करें सेवन | How to increase platelets by Aloe vera : 

एलोवेरा भी बहुत गुणकारी औषधीय पौधा है। इसके गुण इसकी पत्तियों में विद्यमान होते हैं। एलोवेरा की पत्तियों के त्वचा पर प्रयोग और फायदे को हम पिछले लेख में बता चुके हैं। 

रिसर्च में पाया गया है कि एलोवेरा के 20 से 25 ग्राम गूदा प्रतिदिन खाने से शीघ्रता से प्लेटलेट्स बढ़ जाता है और अगर आपका प्लेटलेट्स तेजी से घट रहा है तो यह इसे कम नहीं होने देगा इसके अलावा इसके जूस के सेवन से भी यही परिणाम देखने को मिलते हैं। 


4. नारियल पानी पिएं | Increase platelets via coconut water :


नारियल पानी भी प्लेटलेट्स की मात्रा को बढ़ाने में बहुत मददगार होते हैं। नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं. इसके अलावा, यह मिनरल का भी अच्छा स्रोत होने के कारण बॉडी में ब्लड प्लेटलेट्स की कमी नहीं होने देता है। उपरोक्त के अलावा नारियल पानी के अन्य कई लाभ भी हैं। 

5. अनार का जूस : How to increase platelets at home 


अक्सर अनार का प्रयोग लोग हीमोग्लोबिन को बढ़ाने के लिए करते हैं किंतु बता दें , अनार का जूस भी शरीर में कम हुए प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने की क्षमता रखता है। अनार के मात्र एक हफ्ते के प्रयोग से प्लेटलेट्स काउंट (Platelates count) पूरा हो जाता है और आप बिलकुल स्वस्थ और तरोताजा महसूस करते हैं। 


6. चुकंदर है फायदेमंद : How to increase platelets

चुकंदर हर मायने में फायदेमंद होता है यह सभी जानते हैं। किंतु क्या आप जानते हैं कि चुकंदर के सेवन से हम हेमोग्लोबिन के साथ प्लेटलेट्स भी बढ़ा सकते हैं? जी हाँ चुकंदर के किसी भी तरह प्रयोग से हम प्लेटलेट्स को तेजी से बढ़ा सकते हैं। एंटीऑक्सीट्डेंट से भरपूर चुकंदर में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए जरूरी सभी गुण होते हैं। 


Disclaimer : इस article में बताई गए सभी उपाय पारंपरिक अनुभवों के अनुसार बताए गए हैं इसका दावा यह Gs center वेबसाइट नहीं करती है। अधिक जानकारी के लिए हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना आवश्यक है। 


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14 September 2021

IAS Salary | Salary of ias officer in hindi | आईएएस अधिकारी को कितना वेतन और कौन-कौन सुविधाएं मिलती हैं ?

 आईएएस अधिकारी की सैलरी और अन्य सुविधाएं : Salary and Facilities of ias Officer 


IAS शब्द सुनते ही अलग अलग वर्ग (व्यवसाय) , उम्र के लोगों में अलग अलग प्रकार के विचार आने लगते हैं। जहां आईएएस शब्द सुनकर हर प्रतियोगी छात्र IAS officer बनने के बारे में सोचने लगता है तो वहीं दूसरी ओर किसी पद पर सेवारत सरकारी कर्मचारी उसके विषय में अलग अलग ख्याल दिमाग में लाने लगता है। किंतु एक बात लगभग सभी के विचार में आती होगी कि आईएएस अधिकारी की सैलरी कितनी होती है ? अथवा IAS अधिकारी कितना वेतन पाता है ? और वेतन के अतिरिक्त उसे कौन कौन सी सुविधाएं मिलती हैं ?

Ias salary in hindi

IAS Officer salary in hindi | आई०ए०एस० अधिकारी का वेतन : 


अगर आप भी IAS Officer salary के बारे में नहीं जानते हैं और आप इसे जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट में अंत तक बने रहें क्योंकि यहां हम न केवल हम आईएएस अधिकारी का मासिक वेतन ( IAS Salary per month ) के बारे में बात करेंगे बल्कि एक आईएएस को मिलने वाली अन्य सुविधाओं (IAS facilities in hindi) के बारे में भी बताएंगे। 


UPSC - IAS OFFICER 

हम सभी जानते हैं कि भारत के नौकरशाही तंत्र में आईएएस (IAS) का पद सर्वश्रेष्ठ और प्रतिष्ठित होता है तो इसलिए आईएएस बनने के लिए होने वाली परीक्षा और चयन प्रक्रिया का भी कठिन से कठिन होना स्वाभाविक है। बता दें कि IAS बनने के लिए UPSC द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह परीक्षा भारत की सबसे कठिनतम परीक्षा कही जा सकती है। 


IAS बनने के लिए परीक्षार्थियों को इस परीक्षा के सभी चरणों को पार करना होता है और अंततः अच्छी रैंक लाना आवश्यक होता है। अच्छी रैंक न आने पर आपको IPS , IFS अथवा अन्य विभाग में पद मिलेंगे किन्तु आप IAS नहीं बन पाएंगे। 


आखिर IAS को कितनी मिलती है सैलरी : 

अगर बात करें IAS अफसर के मासिक वेतन की तो उसे 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के अनुसार मूल वेतन 56,100 रुपये प्रति माह मिलता है। इसके अलावा जैसे जैसे एक IAS OFFICER का प्रोमोशन अथवा पदोन्नति होती जाती है उसका वेतन भी बढ़ता जाता है। 

आईएएस अधिकारी की सैलरी कई प्रतिमानों पर निर्भर करती है जैसे जूनियर स्केल, सीनियर स्केल, सुपर टाइम स्केल, वेतनमानों में अलग-अलग वेतन बैंड होते हैं। 


Highest post of IAS and salary : आईएएस का सबसे ऊंचा पद कौन सा होता है ? 


एक साधारण आईएएस अधिकारी का मासिक वेतन 7वें वेतन आयोग के अनुसार हमने जाना कि 56,100 ₹ होती है। लेकिन बता दें कि IAS का पद प्राप्त करने के बाद उसके कार्यानुभव और अन्य प्रतिमानों के अनुसार उसका promotion होता रहता है। 

आईएएस का सबसे श्रेष्ठ अथवा उच्च पद कैबिनेट सेक्रेटरी (Cabinet Secretary) का होता है। जब कोई ias अधिकारी उक्त पद पर पहुंच जाता है तो उसे 2,50,000 ₹ प्रति माह वेतन प्राप्त होता है। IAS को मिलने वाला यह सबसे अधिक वेतन होता है। 


आईएएस को मिलने वाली अन्य सुविधाएं | Facilities of IAS Officer : 


सैलरी के अलावा आई०ए०एस० अधिकारी को अन्य कई सुविधाएं मिलती हैं। यही सुविधाएं इस आईएएस की जॉब को सर्वप्रतिष्ठित बनाती हैं। 

एक आई०ए०एस० अधिकारी (IAS Officer) को बेसिक सैलरी (Basic salary) और ग्रेड पे (Grade pay) के अलावा डियरनेस अलाउंस (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), मेडिकल अलाउंस (MA) और कन्वेंस अलाउंस (CA) भी मिलता है। पे-बैंड के आधार पर ही आईएएस अधिकारियों को घर, रसोइया (Cook) और अन्य स्टाफ समेत कई सुविधाएं दी जाती हैं। इसके अलावा आईएएस अधिकारी को वाहन , ड्राइवर , रसोइया , माली , सुरक्षा गार्ड , और अन्य घरेलू सहायक कर्मचारी तथा कहीं आते जाते समय सुरक्षा भी प्रदान की जाती है। 

आईएएस अधिकारी को यदि अपने कार्यहेतु कहीं आना जाना पड़ा तो उसे वहां भी रहने की व्यवस्था की जाती है तथा उसके चलने के लिए कम से कम 1 और अधिकतम 3 सरकारी वाहन और ड्राइवर की व्यवस्था की जाती है। 


रिटायरमेंट आईएएस अधिकारी को मिलने वाली सुविधाएं : IAS pension and Facilities after retirement 


IAS अधिकारी को सेवा के दौरान मिलने वाली सैलरी और अन्य सुविधाओं के बारे में हम जान चुके हैं। किंतु बता दें कि आईएएस अधिकारी जब रिटायर होता है तो उसे आजीवन मासिक पेंशन दी जाती है। रिटायर होने के बाद तो आईएएस अधिकारी को सुरक्षा नहीं प्रदान की जाती किन्तु हम सभी जानते हैं कि IAS अधिकारी की नौकरी खतरायुक्त होती है अतः उसे रिटायरमेंट के बाद अगर अपनी जान का खतरा महसूस हुआ तो वह सरकार से सुरक्षा की मांग कर सकता है। उसके मांग करने के बाद सरकार उसको सुरक्षा प्रदान करती है। 


इसके अलावा अगर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी किसी अन्य विभाग में नौकरी करना चाहता है तो इन्हें राज्यपाल, उपराज्यपाल, सीएजी, सीईसी, यूपीएससी, सीआईसी के पद के लिए विभिन्न आयोगों, न्यायाधिकरणों, सार्वजनिक क्षेत्र के बोर्डों, मुख्य वफ़ादारी मॉनिटर्स के पद पर नियुक्त किया जा सकता है। लेकिन यह उसकी रुचि और इच्छा पर निर्भर करता है की काम करना चाहता है कि नहीं। अगर करना चाहता है तो किस विभाग में। 

निष्कर्ष : 


इस प्रकार हमने यह जाना कि सेवा के दौरान आईएएस अधिकारी को 7वें वेतन आयोग के अनुसार 56,100 ₹ मासिक सैलरी दी जाती है और उसे अनेकानेक सुविधाएं भी दी जाती हैं। यही मिलने वाली सुविधाएं और उसकी शक्तियाँ और अधिकार ही इस नौकरी के प्रति लोगों को आकर्षित करती है। 


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धन्यवाद🙏 
आकाश प्रजापति
(कृष्णा) 
ग्राम व पोस्ट किलहनापुर, कुण्डा प्रतापगढ़ , उ०प्र० 
छात्र:  प्राचीन इतिहास कला संस्कृति व पुरातत्व विभाग, कलास्नातक तृतीय वर्ष, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय


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13 September 2021

How to lose weight in 7 days | इन स्टेप्स को करके आप 7 दिनों में वजन कम कर सकते हैं | 6 Weight lose steps in hindi

 

How to loss weight in hindi :


अगर आप अपने जरूरत से ज्यादा बढ़े हुए वजन से परेशान हो गए हैं और किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर या पार्टी में खुद को असहज महसूस करते हैं तो यह लेख आपके लिए बहुत important है क्योंकि आज इस पोस्ट में हम आपको How to weight loss in 7 days (7 दिनों में अपना वजन कैसे घटाएं) के बारे में बताएंगे। 

How to loss weight

How to lose weight fast : जल्दी से वजन घटाने के उपाय 


तेजी से वजन घटाने के लिए आपको अपने खान पान में सुधार करना होगा और साथ ही अपनी कैलोरी को burn करने के लिए exercise भी करनी होगी। exercise करने से जहां शरीर के विभिन्न हिस्सों में जमें हुए फैट को कम करने में आसानी होती है वहीं इसके अन्य कई लाभ हैं। आज हम कुछ ऐसी weight loss tips के बारे में बात करेंगे जिससे आप आसानी से 7 दिन में अपना बढ़ा हुआ वजन कम कर सकते हैं। इस पोस्ट में आपको 'How to lose weight in 7 days' का जवाब आसानी से मिल जाएगा। 


6 Weight loss steps | वजन कैसे घटाएं : 

अगर आप भी बढ़े हुए वजन को घटाकर एक अच्छी और सुडौल शरीर पाना चाहते हैं तो आपको नीचे बताए गए इन महत्वपूर्ण steps को follow करना है। इन स्टेप्स को follow कर के आप अपना वजन बिना किसी fitness guide के कम कर (Weight loss without fitness guide) सकते हैं। आईये इन ' 6 Weight lose steps in hindi' को जानते हैं। 


Step - 1 : सुबह उठें , टहले या दौड़ें | Fat lose by walking and Running 


अगर आप जरूरत से अधिक नींद लेते हैं तो आप भारी वजन के शिकार हो सकते हैं। अतः स्वस्थ और फिट रहने के लिए संतुलित नींद लेना आवश्यक है। अधिक से अधिक 6-7 घण्टे की नींद पर्याप्त होती है एक अच्छी और फ्रेश सुबह के लिए। 

सुबह सुबह आप उठ जाएं और कम से कम 2 किमी० तक टहलें। अगर संभव हो तो आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार दौड़ लगाएं और कोशिश करें कि धीरे धीरे आपके दौड़ने की दूरी बढ़े और दौड़ने में लगने वाला समय कम हो। 


दौड़ने से न केवल आप शरीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे बल्कि आप मानसिक रूप से भी खुद को स्वस्थ और स्फूर्तिवान पाएंगे। 


Step - 2 : सुबह करें एक्सरसाइज : Best weight lose exercise 

अगर आप तेजी से अपने वजन को control करना चाहते हैं तो आपको दौड़ने के बाद Exercise करना बहुत जरूरी है। तथा यदि आप आपका वजन बहुत अधिक नहीं बढ़ा हुआ है तो आप दौड़ने और एक्सरसाइज में से एक को चुन सकते हैं।

सुबह exercise करने से शरीर के मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है तथा कैलोरी burn होती है जिससे बढ़ा हुआ फैट आसानी से कम हो जाता है। 


Step - 3 : पेट की एक्सरसाइज करें | Flat tummy exercise : 


बढ़े हुए पेट के वजन घटाने के लिए पेट की एक्सरसाइज करना चाहिए। आप हफ्ते में 3 दिन पेट की special exercise करें और 4 दिन सर्किट ट्रेनिंग करें। 

पेट की स्पेशल एक्सरसाइज में आप एब्डोमिनल एक्सरसाइज के 20 20 रेप्स करें। एब्डोमिनल एक्सरसाइज में प्लैंक, क्रंचेस, लेग रेज, हाई जंप, माउंटेन क्लाइंबर्स आदि शामिल हो सकती हैं। 

How to loss weight


सर्किट ट्रेनिंग ऊपर दिए हुए चित्र की भांति करें और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2 एक्सरसाइज या 2 sets के बीच बिल्कुल न के बराबर (लगभग 15 sec) का अंतराल रहता है। बीच मे रेस्ट न लेने के कारण यह वजन घटाने में काफ़ी कारगर सिद्ध होती है। 


Step - 4 : खान पान में करें सुधार | Weight loss diet : 


वजन घटाने के इन steps में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने खान पान में सुधार करें। खान पान में सुधार का तात्पर्य यह है कि आप junk food को खाना बंद कर दें और फाइबर युक्त आहार अपने डाइट में शामिल करें। 

तेल और वसा युक्त आहार लेने से शरीर में वसा की मात्रा तेजी से बढ़ती है और शरीर के अलग अलग हिस्सों में फैट जमने लगता है जिससे वजन बढ़ता है। 

अगर आप अपने खान पान में सुधार कर लेते हैं तो आप वजन घटाने के आधे target को achieve कर चुके हैं। और बाकी का आधा एक्सरसाइज और अन्य steps को अपनाकर achieve कर सकते हैं। 


Step - 5 : नमक और चीनी का सेवन कम करें | weight loss tips : 


वजन कम करने के लिए सादा खाना खाना चाहिए। अधिक नमक के सेवन से बचना चाहिए। अतः नमक अधिक नहीं खाना चाहिए बल्कि जितना कम हो सके उतना कम खाना चाहिए। नमक का अत्यधिक सेवन करने से शरीर में वॉटर रिटेंशन हो जाती है. जिससे शरीर भारी और फूला हुआ लगता है। 

नमक के साथ साथ चीनी का भी प्रयोग निश्चित रूप से कम कर देना चाहिए। 


Step - 6 : रात के खाने के बाद टहलें | Walking after dinner : 

रात के खाने के बाद टहलना काफी मायने में लाभदायक होता है। रात में खाना खाते समय और खाने के तुरंत बाद पानी बिल्कुल भी न पिएं। मुंह मे पानी भरकर कुल्ला कर लें जिससे दांत में फंसे हुए भोजन निकल जाएं। 

इसके बाद आप कम से कम 1000 - 1600 मीटर तक टहलें। ऐसा करने से आपका भोजन आसानी से पच जाएगा। 

इस step को आप अपने दैनिक जीवन में जरूर अपनाएं इससे आप बढ़ते हुए वजन को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं। 


Disclaimer : इस article में बताई गए सभी स्टेप्स पारंपरिक अनुभवों के अनुसार बताए गए हैं इसका दावा यह Gs center वेबसाइट नहीं करती है। अधिक जानकारी के लिए हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना आवश्यक है। 


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धन्यवाद🙏 
आकाश प्रजापति
(कृष्णा) 
ग्राम व पोस्ट किलहनापुर, कुण्डा प्रतापगढ़ , उ०प्र० 


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09 September 2021

साल भर के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय दिवस | Important International days in hindi | अंतर्राष्ट्रीय दिवसों की सूची pdf

 अंतरराष्ट्रीय दिवस की सूची : 


साल भर में प्रत्येक महीने कुछ ऐसे विशेष दिवस आते हैं जिनको पूरा विश्व मनाता है। ऐसे दिवस अंतर्राष्ट्रीय दिवस कहे जाते हैं। दूसरे शब्दों में ऐसी महत्वपूर्ण तिथियां जिस दिन किसी खास विषय , व्यक्ति अथवा घटना से संबंधित दिवस विश्व के सभी देशों द्वारा मनाए जाते हैं ऐसे दिवसों को अंतर्राष्ट्रीय दिवस की संज्ञा दी जाती है। 

International days list

List of important international days or Dates | प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय तिथियां अथवा दिवस : 


आज हम आपको साल भर में मनाए जाने वाले कुछ अंतर्राष्ट्रीय दिवसों के बारे में बताएंगे जोकि आपके लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगा। 

आज के समय में प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा में इस section से 1-2 और कभी कभी तो 3-4 प्रश्न पूछ ही लिए जाते हैं। ऐसे में इन्हें जानना आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन्हें आपको रटना नहीं है बल्कि आप इन्हें प्रतिदिन एक-दो बार अवश्य देखें। लगातार देखते रहने से धीरे धीरे ये सारे दिवस याद हो जाएंगे। 

इसे आप अपने मित्रों के बीच में अवश्य साझा (Share) करें। 


अंतर्राष्ट्रीय दिवस की सूची : List of International days and dates in hindi 


आईये महीना अनुसार देखते हैं विश्व भर में मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिवस –


जनवरी माह के अंतर्राष्ट्रीय दिवस | International days of January month in hindi : 


◆ 01 जनवरी : अंग्रेजी नव वर्ष प्रारंभ | अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस | विश्व शांति दिवस

◆ 04 जनवरी : विश्व लुईस ब्रेल दिवस

◆ 06 जनवरी : युद्ध में अनाथों के लिए विश्व दिवस

◆ 10 जनवरी : विश्व हिंदी दिवस | विश्व हास्य दिवस 

◆ 24 जनवरी : अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस

◆ 26 जनवरी : सीमा शुल्क एवं उत्पाद दिवस

◆ 27 जनवरी : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (प्रलय पीड़ितों की याद में अंतरराष्ट्रीय स्मरणोंत्सव दिवस)

30 जनवरी : विश्व कुष्ठ रोग निवारण दिवस 


फरवरी माह के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय दिवसों की सूची | Important days & Dates of February month : 


◆ 02 फरवरी : विश्व आर्द्रभूमि दिवस

◆ 04 फरवरी : विश्व कैंसर दिवस | श्रीलंका का राष्ट्रीय दिवस

◆ 07 फरवरी : अंतर्राष्ट्रीय विकास सप्ताह 

◆ 09 फरवरी : सुरक्षित इंटरनेट दिवस

◆ 11 फरवरी : विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस

◆ 12 फरवरी : डार्विन डे | अब्राहम लिंकन का जन्म दिन

◆ 13 फरवरी : विश्व रेडियो दिवस

◆ 15 फरवरी : विश्व पैंगोलिन दिवस

◆ 20 फरवरी : सामाजिक न्याय दिवस

◆ 21 फरवरी : अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

◆ 22 फरवरी : विश्व स्काउट दिवस

◆ 27 फरवरी : विश्व एनजीओ दिवस | विश्व सतत ऊर्जा दिवस



मार्च महीने के अंतर्राष्ट्रीय दिवस और तिथियां | International days of March month in hindi : 

◆ 01 मार्च : शून्य भेदभाव दिवस | विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस

◆ 03 मार्च : विश्व वन्यजीव दिवस | विश्व श्रवण दिवस

◆ 08 मार्च : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

◆ 13 मार्च : नो स्मोकिंग डे

◆ 14 मार्च : विश्व पाई (π) दिवस

◆ 15 मार्च : विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस

◆ 18 मार्च : विश्व आयुध निर्माणी दिवस

◆ 20 मार्च : विश्व गौरैया दिवस | इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे

◆ 21 मार्च : अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस | विश्व कविता दिवस | डाउन सिंड्रोम दिवस | अंतर्राष्ट्रीय जातीय भेदभाव उन्मूलन दिवस

◆ 22 मार्च : विश्व जल दिवस (जल संरक्षण दिवस)

◆ 23 मार्च : विश्व मौसम विज्ञान दिवस

◆ 24 मार्च : विश्व क्षय रोग/तपेदिक/T.B. दिवस 

◆ 26 मार्च : बांग्लादेश स्वतंत्रता दिवस

◆ 27 मार्च : विश्व रंगमंच दिवस


अप्रैल माह के महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दिवस | April mahine ke antarrashtriy divas : 


02 अप्रैल : विश्व ऑटिज्म चेतना दिवस

04 अप्रैल : अंतरराष्ट्रीय खदान दिवस | माइन जागरूकता के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस

06 अप्रैल : अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस

07 अप्रैल : विश्व स्वास्थ्य दिवस

10 अप्रैल : विश्व होम्योपैथी दिवस

12 अप्रैल : विश्व मानव अंतरिक्ष यात्री दिवस 

14 अप्रैल : विश्व भाई मानिकी एवं ब्रह्मांडकी दिवस

17 अप्रैल : विश्व हीमोफीलिया दिवस

18 अप्रैल : विश्व धरोहर दिवस

19 अप्रैल : विश्व यकृत दिवस

22 अप्रैल : विश्व पृथ्वी दिवस

23 अप्रैल : विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस

25 अप्रैल : विश्व मलेरिया दिवस

26 अप्रैल : विश्व बौद्धिक संपदा दिवस

28 अप्रैल : विश्व कार्यस्थल स्वास्थ्य सुरक्षा दिवस

29 अप्रैल : अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस


मई महीने के अंतर्राष्ट्रीय दिवस | International days of May month :


◆ 01 मई : अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक/मजदूर दिवस

03 मई : अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस 

04 मई : अंतर्राष्ट्रीय फायरफाइटर दिवस अग्निशामक दिवस

07 मई : विश्व एथलेटिक्स दिवस

08 मई : विश्व थैलासीमिया दिवस | विश्व रेडक्रास दिवस | विश्व प्रवासी पक्षी दिवस

09 मई : रूस विजय दिवस (द्वितीय विश्व युद्ध में विजय)

12 मई : अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस

14 मई : विश्व प्रवासी दिवस

15 मई : परिवारों का अंतरराष्ट्रीय दिवस

17 मई : विश्व दूरसंचार दिवस | उच्च रक्तचाप दिवस

18 मई : विश्व एड्स वैक्सीन दिवस | अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस

21 मई : विश्व सांस्कृतिक विविधता बातचीत और विकास दिवस | आतंकवाद विरोधी दिवस

22 मई : अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस

24 मई : विश्व राष्ट्रमंडल दिवस

25 मई : अफ्रीका दिवस

29 मई : इंटरनेशनल एवरेस्ट दिवस

31 मई : तंबाकू विरोधी दिवस

मई माह का पहला रविवार : विश्व हास्य दिवस

मई माह का पहला मंगलवार : विश्व अस्थमा दिवस

मई माह का दूसरा रविवार : मां के प्रति सम्मान दिवस



जून महीने के अंतर्राष्ट्रीय दिवस | International days of June month : 


■ इसे मलेरिया निरोधी माह कहते हैं। 

01 जून : विश्व दुग्ध दिवस | वैश्विक माता पिता दिवस

03 जून : विश्व साइकिल दिवस

04 जून : इंटरनेशनल डे आफ इनोसेंट चिल्ड्रन विक्टिम आफ अग्रेशन

05 जून : विश्व पर्यावरण दिवस

07 जून : विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस | अंतरराष्ट्रीय लेवल क्रॉसिंग अवेयरनेस डे

08 जून : विश्व महासागरीय दिवस | अंतर्राष्ट्रीय मस्तिष्क ट्यूमर दिवस

12 जून : बाल श्रम के खिलाफ विश्व दिवस

13 जून : अंतरराष्ट्रीय रंगहीनता दिवस

14 जून : विश्व रक्तदान/रक्तदाता दिवस

15 जून : विश्व पवन दिवस | विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार दिवस

17 जून : मरुस्थली और सूखे के लिए विश्व दिवस

18 जून : विश्व ऑप्टिस्टिक प्राइड डे

19 जून : विश्व सिकलसेल जागरूकता दिवस

20 जून : विश्व सौहार्द दिवस | विश्व शरणार्थी दिवस

21 जून : विश्व संगीत दिवस | अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस | विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस

23 जून : अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस | विश्व विधवा दिवस | संयुक्त राष्ट्र सार्वजनिक सेवा दिवस

26 जून : अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस | मादक द्रव्यों के सेवन एवं उसके अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस

27 जून : विश्व मधुमेह दिवस

30 जून : विश्व क्षुद्र ग्रह दिवस

जून माह का तीसरा रविवार : विश्व पिता दिवस



जुलाई महीने के महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दिवस | Important International days of July month : 


02 जुलाई : विश्व यू०एफ०ओ० दिवस

04 जुलाई : USA स्वतंत्रता दिवस

06 जुलाई : विश्व जुनोसिस दिवस

11 जुलाई : विश्व जनसंख्या दिवस

12 जुलाई : विश्व मतदाता दिवस

17 जुलाई : अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय दिवस

18 जुलाई : अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस

28 जुलाई : विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस | विश्व हेपेटाइटिस दिवस

29 जुलाई : विश्व बाघ दिवस

जुलाई माह का प्रथम शनिवार : अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस

जुलाई माह का चौथा रविवार : राज्य माता पिता दिवस



अगस्त महीने के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय दिवस | Important international Days and dates of August : 

01 अगस्त : विश्व स्तनपान दिवस

02 अगस्त : अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस

05 अगस्त : विश्व मैत्री दिवस

06 अगस्त : हिरोशिमा दिवस | एंटी न्यूक्लियर डे

09 अगस्त : विश्व आदिवासी दिवस | नागासाकी दिवस | अंतरराष्ट्रीय देशी व्यक्ति दिवस

12 अगस्त : विश्व युवा दिवस | विश्व हाथी दिवस 

14 अगस्त : पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस

17 अगस्त : इंडोनेशिया स्वतंत्रता दिवस 

19 अगस्त : विश्व फोटोग्राफी दिवस | विश्व मानवीय दिवस

20 अगस्त : विश्व मच्छर दिवस

23 अगस्त : दास व्यापार उन्मूलन स्मरण दिवस

29 अगस्त : अंतर्राष्ट्रीय नाभिकीय परीक्षण विरोध दिवस



सितंबर महीने के महत्वपूर्ण दिवस | International days of September month :

08 सितंबर : विश्व साक्षरता दिवस

10 सितंबर : अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम दिवस

12 सितंबर : विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस

14 सितंबर : विश्व प्रथम वायु दिवस | विश्व बंधुत्व एवं क्षमा याचना दिवस

16 सितम्बर : विश्व ओजोन संरक्षण दिवस

21 सितम्बर : शांति का अंतरराष्ट्रीय दिवस | विश्व अल्जाइमर दिवस

24 सितंबर : विश्व बधिर दिवस

26 सितंबर : विश्व गर्भ निरोधक दिवस

27 सितंबर : विश्व पर्यटन दिवस

28 सितंबर : विश्व रेबीज दिवस

30 सितंबर : अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस

सितंबर महीने का चौथा रविवार : विश्व नदियां दिवस

सितंबर महीने का अंतिम सप्ताह : विश्व समुद्र दिवस


अक्टूबर माह के अंतर्राष्ट्रीय दिवस | international days and dates of October : 


01 अक्टूबर : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

02 अक्टूबर : विश्व अहिंसा दिवस

03 अक्टूबर : विश्व पर्यावास दिवस | विश्व प्रकृति दिवस

04 अक्टूबर : विश्व पशु कल्याण दिवस

05 अक्टूबर : विश्व शिक्षक दिवस

06 अक्टूबर : विश्व वन्य प्राणी दिवस

08 अक्टूबर : विश्व सेना दिवस

09 अक्टूबर : विश्व डाक दिवस

10 अक्टूबर : विश्व दृष्टि दिवस | विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

11 अक्टूबर : अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस

13 अक्टूबर : प्राकृतिक आपदा निवारण के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस

14 अक्टूबर : विश्व मानक दिवस

16 अक्टूबर : विश्व एलर्जी जागरूकता दिवस | विश्व खाद्य दिवस

17 अक्टूबर : अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस

20 अक्टूबर : विश्व सांख्यिकी दिवस

21 अक्टूबर : विश्व आयोडीन अल्पता दिवस

24 अक्टूबर : विश्व पोलियो दिवस | संयुक्त राष्ट्र दिवस | विश्व सूचना विकास दिवस

30 अक्टूबर : विश्व मितव्ययिता दिवस

31 अक्टूबर : विश्व बचत दिवस

अक्टूबर महीने का प्रथम सोमवार : विश्व पर्यावास दिवस

अक्टूबर महीने का दूसरा बुधवार : अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा कमी दिवस

4-10 अक्टूबर : विश्व अंतरिक्ष सप्ताह

24-30 अक्टूबर : निस्त्रीकरण सप्ताह 



नवंबर माह के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय दिवस | International days of November month : 

01 नवंबर : विश्व शाकाहारी दिवस

05 नवंबर : विश्व रेडियोग्राफी दिवस

06 नवंबर : विश्व और सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस 

09 नवंबर : विश्व सेना दिवस 

10 नवंबर : शांति और विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस

14 नवंबर : विश्व मधुमेह दिवस

16 नवंबर : सहनशीलता के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस

17 नवंबर : विश्व विद्यार्थी दिवस

18 नवंबर : विश्व वयस्क दिवस

19 नवंबर : विश्व नागरिक दिवस | विश्व शौचालय दिवस

20 नवंबर : सर्वभोमिक बाल दिवस

21 नवंबर : विश्व टेलीविजन दिवस | विश्व मत्स्य दिवस | विश्व दूरदर्शन दिवस

25 नवंबर : अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस

26 नवंबर : विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस


दिसंबर महीने के प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय दिवस | International days of December month : 


01 दिसंबर : विश्व एड्स दिवस | विश्व सहायता दिवस

02 दिसम्बर : विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस | अंतरराष्ट्रीय दासता उन्मूलन दिवस | अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस

03 दिसंबर : विश्व संरक्षण दिवस | विश्व विकलांग दिवस

04 दिसंबर : विश्व बैंक दिवस

07 दिसंबर : सशस्त्र बलों का झंडा दिवस

05 दिसंबर : अंतर राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस | विश्व मृदा दिवस

07 दिसंबर : अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस

09 दिसंबर : अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस

10 दिसंबर : अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस

11 दिसंबर : विश्व बाल कोष दिवस | विश्व अस्थमा दिवस | विश्व पर्वत दिवस

15 दिसंबर : विश्व चाय दिवस

18 दिसंबर : अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस | अंतरर्राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस

20 दिसंबर : अंतर्राष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस | अंतर्राष्ट्रीय सौहार्द्रता दिवस

25 दिसंबर : क्रिसमस डे


■ उपरोक्त जानकारियां यदि आपको अच्छी और उपयोगी लगी हों तो Comment में जरूर बताएं और अपने मित्रों के साथ Share जरूर करें। 


धन्यवाद🙏 
आकाश प्रजापति
(कृष्णा) 
ग्राम व पोस्ट किलहनापुर, कुण्डा प्रतापगढ़
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